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उत्तराखंड : प्राकृतिक आपदाओं को आने से रोका नहीं जा सकता लेकिन आपदा या हादसे के बाद तत्परता दिखा कर इससे होने वाले नुकसान को कम जरूर किया जा सकता है.. और ऐसा ही कर दिखाया है सीएम धामी ने..



मंगल रहा अमंगल: हादसों के बाद फुल एक्शन मोड में दिखे सीएम धामी
रात पल-पल का अपडेट ले गुजारी, सुबह घटना स्थल पहुंच ली जानकारी

उत्तराखंड एक पर्वतीय राज्य है। यहां प्राकृतिक आपदाओं को आने से रोका नहीं जा सकता लेकिन आपदा या हादसे के बाद तत्परता दिखा कर इससे होने वाले नुकसान को कम जरूर किया जा सकता है। और ऐसा ही कर दिखाया है सीएम पुष्कर सिंह धामी ने
मंगलवार का दिन उत्तराखंड के लिए कई मायनों में अमंगल रहा।

शुरुआत उत्तरकाशी जिले में हिमस्खलन होने और इसके चपेट में नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के 41 सदस्यों के आने से हुई। द्रौपदी का डांडा चोटी का आरोहण कर लौट रहा ये दल अचानक आए बर्फीले तूफान की चपेट में आ गया। दूसरा हादसा पौड़ी गढ़वाल जिले के ग्राम सिमड़ी में एक बस के अनियंत्रित हो कर खाई में गिरने के कारण हुआ जिसमें अब तक 33 लोगों की मौत हो चुकी है
इन दोनों हादसों ने सीएम धामी समेत पूरे उत्तराखंड को सदमे में डाल दिया।

लेकिन सीएम धामी ने एकबार फिर अपने धीर गंभीर व्यक्तित्व का परिचय देते हुए तुरंत हालातों को समझा और त्वरित फैसले लिए। उत्तरकाशी जिले में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए मुख्यमंत्री ने स्वयं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से बात की और राहत-बचाव कार्य में तेजी लाने के लिए सेना की मदद मांगी। ठीक इसी प्रकार मंगलवार शाम जिस समय सीएम को सिमड़ी हादसे की जानकारी मिली उस समय वो रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के साथ सेना के एक विशिष्ट कार्यक्रम में शामिल थे। हादसे की सूचना पा वो तुरंत कार्यक्रम से निकले और सीधा सचिवालय स्थित कंट्रोल रूम जा पहुंचे। उन्होंने स्वयं ग्राउंड जीरो पर पहुंचे लोगों से दुर्घटना के बारे में जानकारी ली और राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। सीएम धामी देर रात तक मोर्चे पर डटे रहे और पल-पल का अपडेट लेते रहे। उन्होंने अगले दिन के सारे सरकारी कार्यक्रम भी रद्द कर दिए। सीएम के खुद इस लेवल पर एक्टिव रहने के असर ये हुआ कि SDRF, पुलिस, जिला प्रशासन की टीमों ने रात को ही युद्ध स्तर पर राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया जिस से कई लोगों की जान बचाने में सहायता मिली।

बुधवार सुबह मुख्यमंत्री ने दोनों घटना स्थलों का दौरा किया और वहां चल रहे राहत बचाव के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। सिमड़ी में सीएम ने ग्रामीणों से भेंट की और रात में उनके द्वारा की गई मदद के लिए आभार प्रकट किया। इसके बाद उन्होंने अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात की और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। मुख्यमंत्री की ओर से राहत राशि की भी घोषणा की गई है, इसके अतिरिक्त फर्स्ट रेस्पांडर की भूमिका निभाने वाले ग्रामीणों को भी सरकार प्रोत्साहन राशि देगी।

निश्चित ही इन हादसों के कारण पूरा प्रदेश गमगीन है लेकिन जिस प्रकार से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आगे बढ़ कर स्थिति को संभालने के प्रयास किए हैं वो प्रसंशनीय हैं। सीएम धामी प्रदेश के लिए इस प्रकार से *24X7* उपलब्ध रहने वाले पहले मुख्यमंत्री हैं और वो जन आकांक्षाओं पर निरंतर खरे उतरते जा रहे हैं।
किसी ने ठीक ही कहा है..
*”जो तूफानों में पलते जा रहे हैं, वही दुनिया बदलते जा रहे हैं…”*

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