सरकारी ज़मीन का नोटिस और सत्ता का संग्राम”
“सरकारी ज़मीन का नोटिस और सत्ता का संग्राम”
अरविन्द पाण्डेय भाजपा के वही विधायक हैं जिन्हें स्थानीय प्रशासन की ओर से सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण के मामले में टाइम बाउण्ड नोटिस जारी हुआ है। नोटिस मिलने से पहले और उसके बाद भी पाण्डेय स्थानीय पुलिस प्रशासन के साथ ही सरकार पर हमलावर रहे हैं। मौजूदा समय में उनका फोकस समूची सरकारी मशीनरी को कथिततौर पर ‘ईमानदारी’ का सर्टिफिकेट बांटने पर है। हालांकि, उनके तंजभरे बयानों को अपनी ही सरकार के साथ सीधे टकराव के रूप में देखा जाता रहा है।
त्रिवेन्द्र सरकार में शिक्षा समेत तमाम महत्वपूर्ण विभागों के कैबिनेट मंत्री रहे अरविन्द पाण्डेय को धामी सरकार के मंत्रिमण्डल में जगह नहीं मिल पाई। मंत्री न बन पाने की कसक लगातार उनके मन में है और तभी से वह अपनी ही पार्टी की सरकार से नाराज रहने लगे। उनकी यह नाखुशी अक्सर उनके बहके-...
