
DM सविन बंसल के फैसले बने जनचर्चा का विषय, भू-कानून अभियान ने कहा ‘बदलाव के प्रतीक’
देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल मानव सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहते है। विगत एक साल से जिलाधिकारी के पद पर कार्य करते हुए उन्होंने जनहित में अनेक उत्कृष्ट निर्णय लिए है। मानव सेवा को समर्पित उनके उत्कृष्ट कार्यशैली से आज हर कोई प्रभावित है।
जिलाधिकारी सविन बंसल की उत्कृष्ट कार्यशैली और असाधारण निर्णयों के लिए शनिवार को उत्तराखंड भूकानून अभियान के सदस्यों ने डीएम कार्यालय में एकत्रित होकर जिलाधिकारी को सम्मानित किया। उत्तराखंड भूकानून अभियान के सदस्यों ने डीएम को सरकारी भूमी पर अतिक्रमण के विरुद्ध त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही करने और जनहित में उनके द्वारा लिए जा रहे असाधारण और प्रशंसनीय निर्णयों के लिए अभिनंदन पत्र, पुष्पगुच्छ और शाल भेंटकर सम्मान किया।
भू-क़ानून अभियान उत्तराखंड (2016) के संस्थापक/मुख्यसंयोजक शंकर सागर ने कहा कि डीएम सविन बंसल ऐसे अधिकारी है, जो गरीब जनता की आवाज़ को सुनकर तुरंत उनकी समस्याओं का निस्तारण कर रहे है। आज जनता ख़ुश होकर ऐसी अधिकारीयों का साथ चाहती हैं। इतिहास में ऐसे अधिकारियों की संख्या ऊगली में गिनी जा सकती हैं। आज देहरादून नहीं अपितु पूरे उत्तराखंड में उनके जनहितार्थ निर्णयों की तारीफ हो रही हैं। यह प्रशासनिक न्यायिक कार्य संस्कृति पूरे उत्तराखंड में फैले ऐसी अपेक्षा भू-क़ानून अभियान उत्तराखंड (2016) के साथ-साथ राज्य का हर नागरिक करता है।
उन्होंने कहा कि देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल ने कार्यभार संभालते ही दिन रात सक्रिय रहकर स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, भिक्षावृत्ती मुक्ति अभियान चलाकर बच्चों को भिक्षावृत्ती से हटाकर उन्हें स्कूल भेजना, फरियादी बुजर्गों और दिव्यांगों के लिए निःशुल्क सारथी वाहन सेवा, दशकों से पीड़ित अनेक भूमि मालिकों को उनका हक दिलाना, कई साल उत्पीडित एक विधवा के घर को बैंक के बंधन से त्वरित मुक्ति दिलाना, आईएसबीटी में असंभावी जलभराव का समाधान, सम्मान देकर राज्य निर्माण आन्दोलनकारियों के हक के लिए कार्य करना, वृद्ध महिला एवं सामान्य नागरिक को अभिवादन के साथ पहले सुनना और उनके ऐसे दर्जनों असाधारण निर्णय एव उत्त्कृष्ट कार्य आज जनता के सम्मुख हैं। राज्य की जनता, आन्दोलनकारियों और शहीदों ने भी ऐसे अधिकारियों की कल्पना की थी। आज हम सह्रदय से डीएम सविन बंसल का सम्मान करते हुए स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे है।
इस दौरान सह संयोजक आनंद सिंह रावत, गढवाल संयोजक अशोक नेगी, कुमाऊं संयोजक उमेद बिष्ट, राजेश पेटवाल, धना वाल्दिया महिला संयोजक, कृष्णा बिजलवाण, सुभागा फरसवान, ज्योतिका पांडे, कल्पेश्वरी नेगी, देवेश्वरी गुसाई, पूजा बुढ़ाथोकी, गीता शर्मा, राजेश कुमार सहित अन्य सदस्यगण मौजूद थे।